Thursday, February 25, 2010

इजहार-ए -मोहब्बत


प्यार,कितना खुबसूरत शब्द बनाया है उपर वाले ने,पर हम ना जाने क्यों उस प्यार कि गहराई को समझ नही पा रहे,और एक लड़के का लड़की के प्रति और लड़की का लड़के के प्रति आकर्षण को ही प्यार का नाम दे देते हैं.में ये नही कहते कि लड़का और लड़की प्यार नही कर सकते.ऐसा नही हैं,प्यार होता हैं,बिलकुल होता हैं,बिना प्यार के जीने का कोई अर्थ ही नही,पर आज जिसे हम प्यार का नाम देकर घर से भाग रहे हैं या जहार खा रहे हैं वो प्यार नही.उसे जिद कह दो,या पागलपन,या कुछ भी.,पर वो प्यार नही.प्यार में समर्पण होता हैं.प्यार में सागर सी गहराई होती हैं.प्यार में ममता भी होती हैं.देश के लिए भी तो दिल में प्यार होता हैं.मरना ही हैं तो क्यों ना तो देश के लिए मरा जाये.में प्यार के खिलाफ नही,ना ही प्यार करने वालो के खिलाफ हुं.ना ही में वेलेंटाइन डे के खिलाफ हुं.जिन्हें मानना हैं,बिल्कुल मनाये,पर जिन्हें नही मानना कम से कम मानाने वालो पर अत्याचार ना करें,उनका विरोध ना करे,उनकी इच्छा हैं कि वो मानना चाहते हैं,और हम लोकतंत्र में जी रहे हैं.सबको अधिकार हैं अपनी मर्जी से अपने दायरे में रह के जीने का.ये पर्व किसी महान संत का जन्मदिन हैं,मनाने के कोई बुराई नही.

22 टिप्पणियाँ:

शशांक शुक्ला said...

उर्दू तो नहीं आती है, लेकिन जो हिंदी मे लिखा है उसे पढकर अच्छा लगा, और हां रंगों का समायोजन ठीक करें स लाल पृष्ठ पर लाल अक्षर दिखाई नहीं दे रहे है ठीक तरह से

हृदय पुष्प said...

ठीक से पढ़ा नहीं जा रहा कृपया शशांक जी ने जो कहा है उस पर धयान दें - होली की हार्दिक शुभकामनाएं

talib د عا ؤ ں کا طا لب said...

आपने बिलकुल साबित कर दिया की उर्दू अपने भारत यानी हिन्दुस्तान की ज़बान है.बहुत खूब!! हाँ!! रंगों का संयोजन सही कर लें.

soumendra said...

ek baat to apni bahut he khubsurati se sidha kar diya ki aap per holi bahaut he gahara rang chor rahi hai jis karan apki likhi gayi baate kafhi rangvirange hai. baharhaal hooli mubarak aapke pure pariwaar ko.

NISHANT said...

स्वागत है आपका .....!!

भूतनाथ said...

kyaa baat hai bhyi..............waah...........!!

कौशल तिवारी 'मयूख' said...

प्यार की बाते कोई नहीं समझता
जो समझता है वो प्यार नहीं करता

bharat kumar maheshwari said...

प्यार इतनी मजबूत धारणा है की ये आप को को क्या से क्या बना देती है, घरबार छुड़वा देती है, समाज और संसार के विरोध में खडा करवा देती है, सारी मान्यताये देखती रह जाती है, संस्क्रतिया धरी-की-धरी रह जाती है, सब धर्मं ठगे के ठगे रह जाते है |
संसार में ही देखो दो प्राणियो को प्यार हो जाता है तो क्या से क्या हो जाता है, किस्से-कहानिया बन जाती है| शरिर से ही प्यार हो जाए परन्तु शुद्ध हो |
प्रेम में डुबे तो भी उबरे, प्रेम में हारे तो जीते, प्रेम में मरे तो अमर हुवे, इतिहास भी गवाही देता है इस बात की, ये हीर-राँझा, सोनी-महिवाल,जिन्होंने उच्च कोटि का प्यार किया, जो मर गए प्रेम में वो ही अमर हो गए, उन्ही का इतिहास में नाम आ गया, उन्ही की किस्से-कहानिया बन गई, जो नहीं मरे प्रेम में, उनका नाम नहीं आया, प्रेम तो न जाने कितनो ने किया होंगा, और प्रभु के प्रेम में तो जीते जी मरना पड़ता है साधक को |
जिनके जीवन में प्यार उतर आता है वो फ़कीर भी शहंशाह हो जाते है जिनके जीवन में प्यार नहीं उनके जीवन में मायूसी है, चहरे बुझे-बुझे है जिनके सिने में प्यार है उनके चहरे खिलखिलाते रहते है,चमके रहते है |

Amit K Sagar said...

बेहतरीन लिखा है आपने.
जारी रहें. शुभकामनाएं.
[उल्टा तीर]

जयराम “विप्लव” { jayram"viplav" } said...

कली बेंच देगें चमन बेंच देगें,

धरा बेंच देगें गगन बेंच देगें,

कलम के पुजारी अगर सो गये तो

ये धन के पुजारी वतन बेंच देगें।

हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . नीचे लिंक दिए गये हैं . http://www.janokti.com/ , साथ हीं जनोक्ति द्वारा संचालित एग्रीगेटर " ब्लॉग समाचार " से भी अपने ब्लॉग को अवश्य जोड़ें .

JHAROKHA said...

Hindi blog jagat men apka svagat hai.

संगीता पुरी said...

इस नए चिट्ठे के साथ आपको हिंदी चिट्ठा जगत में आपको देखकर खुशी हुई .. सफलता के लिए बहुत शुभकामनाएं !!

अजनबी said...

खुल जाती मेरे शौक़ की शिद्दत सारी,
देखे होते जो मेरे पांव के छाले उसने,

जिसका हर ऐब ज़माने से छुपाया मैंने,
मेरे किस्से सरे बाज़ार उछाले उसने...!

अजनबी said...

बडे मजबूत दिलवाला है तू अब तक नहीं फिसला
मगर दिल में किसी दिन बात ऐसी आ गयी होगी

Anurag said...
This comment has been removed by the author.
Anurag said...

Main kya kahun? Sach punchhiye toh main Dimpal didi ki rachnao par comment karne ki yogyata hi nahi rakhta hoon. Aaj yaha maine jin rachnao ko pada hai unki main khule dil se tareef karta hoon.... Maanta hoon didi ki aap ka jawab nahin, mujhe prabhavit kar gain hain aap ki ye rachnayen....

विजय मधुर said...

kitane roopon mai aapne stree ka chitan kiyaa hai...sachmuch badhaee...

Anonymous said...

kayal hai hum aapki jubaan k....

PK SHARMA said...

Bada hi accha likhti hain Dimple G
Hum chata hoon ki aap kabhi hamare blog per aaye...
Hamare ghar ka pata hai-pksharma1.blogspot.com

Roshi said...

आपके ब्लॉग पर पहली बार
आये बहुत ही सुंदर हैं सभी रचनायें ..............






















































































































































































































































































































































































































































































































































































आपके ब्लॉग पर पहली बार
आये बहुत ही सुंदर हैं सभी रचनायें ..............










































































































































































































































































































































































































































































































































































bahut hi sunder hain sabhi rachnayein............

Mohan Srivastava Poet said...

BAHUT SUNDAR BLOG ,,MERI HARDIK SHUBH KAMANAYEN AAPKO........

Mohan Srivastava Poet said...

BAHUT SUNDAR BLOG....BEHATARIN RACHNAYEN,,,,MERI HARDIK SHUBH KAMANAYEN AAPKO.....